'स्टोरी'

by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। बहुत जिज्ञासा होती है आखिर ये पितृदोष है क्या ? पितृदेव हमारे पूर्वज हैं जिनका ऋण हमारे ऊपर है ,क्योंकि उन्होंने कोई ना कोई उपकार हमारे जीवन के लिए किया है मनुष्य लोक से ऊपर पितृ लोक है,पितृ लोक के ऊपर सूर्य लोक है एवं इस से भी ऊपर स्वर्ग लोक है। आत्मा जब अपने शरीर को त्याग कर सबसे पहले ऊपर उठती है तो वह पित Read more...

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फीचर्स डेस्क। सुंदर कांड से जुडी कुछ विशेष बातें जिनसे बहुत कम ही लोग परिचित होगें। हम बचपन से ही रामयण सुनते-देखते आ रहे है, हर वर्ष हमारे गाँव और नगरों में दशहरे के अवसर पर रामलीला आयोजित की जाती हैl मायण की पूरी कथा बहुत सुन्दर है ही इसके साथ ही इसमें गोस्वामी तुलसीदास जी के द्वारा अंकित सुन्दर कांड का वर्णन रामयण की Read more...

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फीचर्स डेस्क। ऐसा माना जाता है कि जमीन के नीचे पाताल लोक है और इसके स्वामी शेषनाग हैं। पौराणिक ग्रंथों में शेषनाग के फण पर पृथ्वी टिकी होने का उल्लेख मिलता है। शेषं चाकल्पयद्देवमनन्तं विश्वरूपिणम्। Read more...

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फीचर्स डेस्क। महाकाल राजा की शाही सवारी का किस प्रकार उद्घाटन हुआ और केसे महाकाल अपने नगर वासी और भक्तों को दर्शन देते हे और उनकी पुकार सुनते ? भगवान शिव राजाधिराज के रूप में विराजमान है। श्रावण मास में वे अपनी प्रजा का हालचाल पता करने के लिए उज्जैन नगर भ्रमण पर निकलते हैं। महाराज महाकाल सबको मिलते हैं, सबको दर्शन देते Read more...

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धर्मकर्म डेस्क। हिंदू कैलेंडर में सौर वर्ष के अनुसार सूर्य का राशि परिवर्तन संक्रांति कहलाता है। पुराणों में इस दिन को पर्व कहा गया है। सूर्य जिस भी राशि में प्रवेश करता है उसे उसी राशि की संक्रांति कहा जाता है। काशी के ज्योतिषाचार्य राकेश शर्मा बताते हैं कि सूर्य एक साल में 12 राशियां बदलता है इसलिए सालभर में ये पर्व 1 Read more...

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फीचर्स डेस्क। काशी वासी होने के नाते, और वो भी जन्म से काशी के घाटों के किनारे, जीवन बिताते बिताते, मुझे क्या, किसी को भी एहसास हो जाता है कि, किस घाट पर जाना है, और किस घाट पर नहीं! किस घाट के गुरु कौन और किस घाट के माँझी कौन! किस घाट का पानी गहरा और किस घाट का अन्दाज़ ही नहीं!  ख़ैर, हर व्यक्ति जो, काशी में रहता Read more...

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